माता तुलजा भवानी चालीसा
।। दोहा ।।
नमो नमो जय नमो भवानी।
करुणा सिंधु दया की खानि।।
।। चालीसा प्रारंभ ।।
जय जय जय जगदंब भवानी
जय वैष्णवी जय महा भवानी
चौदह भुवन पूजन तुहिं
सदा हृदय धरै जो तुहिं
त्रेता में दशरथ के घर आई
राम सहाय बनी सुखदाई
दुर्गम संकट मोचन कारी
नाशय पाप कृपा विस्तारी
सतयुग में सत्य स्वरूपा माता
त्रेता में त्रिपुरारी विधाता
द्वापर में बनी द्रौपदी राखी
कलयुग में हरिहरण सहायकी
ब्रह्मा विष्णु शिव तुम ही माता
तीनों देव तुम ही विधाता
तुम ही शक्ति करहु उपाई
जग में रहो संकट हराई
जो जन भवानी चालीसा गावे
शक्ति सहज ही फल वह पावे
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