ॐ नमः शिवाय ✦ जय श्री राम ✦ राधे राधे ✦ हरे कृष्ण हरे राम ✦ ॐ नमः शिवाय ✦ जय श्री राम ✦ राधे राधे ✦ हरे कृष्ण हरे रा म ✦ ॐ नमः शिवाय ✦ जय श्री राम ✦ राधे राधे ✦ हरे कृष्ण हरे राम ✦ ॐ नमः शिवाय ✦ जय श्री राम ✦ राधे राधे ✦ हरे कृष्ण हरे रा म ✦

श्री लक्ष्मण चालीसा

श्री लक्ष्मण चालीसा

श्री लक्ष्मण चालीसा

।। दोहा ।।

सुमित्रा नंदन लक्ष्मण, राम भक्त अति धीर।

चरण कमल में शीश नवाऊँ, दूर करो भव पीर।।

शेष अवतार धरि आए, राम के छोटे भाई।

लक्ष्मण चालीसा गाऊँ, करो कृपा सवाई।।

 

।। चौपाई ।।

जय लक्ष्मण जय शेषावतार।

राम भक्ति में अति निर्धार।।

सुमित्रा के लाडले पुत्र।

राम सेवा के परम सूत्र।।

 

राम के साथ वन चले।

भ्रातृ प्रेम मन में जले।।

चौदह वर्ष वन में रहे।

कभी कोई कष्ट न कहे।।

 

उर्मिला को छोड़ आए।

राम सेवा में मन लाए।।

सोए नहीं वन में।

रहे जागरत क्षण में।।

 

शूर्पणखा को नाक काटी।

दुष्ट दानवों की खाट।।

जब राम ने पुकारा था।

तत्पर लक्ष्मण आया था।।

 

मेघनाद के बाण से।

हुए मूर्च्छित एक दिन।।

हनुमान संजीवनी लाए।

तब जीवन वापस पाए।।

 

मेघनाद वध किया।

रावण पुत्र को मार दिया।।

राम के दाहिने हाथ।

सदा रहे वो साथ।।

 

अयोध्या में राज किया।

न्याय नीति से काम किया।।

राम के आदेश माने।

धर्म पथ पर सदा चले।।

 

लक्ष्मण चालीसा पाठ।

करे जो नित सुबह आठ।।

राम भक्ति मिल जाए।

भ्रातृ प्रेम मन में आए।।

 

।। दोहा ।।

लक्ष्मण चालीसा पाठ से, मिले भ्रातृ का प्यार।

शेषावतार की कृपा से, जीवन हो उजियार।।

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