ॐ नमः शिवाय ✦ जय श्री राम ✦ राधे राधे ✦ हरे कृष्ण हरे राम ✦ ॐ नमः शिवाय ✦ जय श्री राम ✦ राधे राधे ✦ हरे कृष्ण हरे रा म ✦ ॐ नमः शिवाय ✦ जय श्री राम ✦ राधे राधे ✦ हरे कृष्ण हरे राम ✦ ॐ नमः शिवाय ✦ जय श्री राम ✦ राधे राधे ✦ हरे कृष्ण हरे रा म ✦

श्री सालासर बालाजी चालीसा

श्री सालासर बालाजी चालीसा

श्री सालासर बालाजी चालीसा

गुरु गिरा अरु गणपति, पुनि विनवऊॅ हनुमान |
सालासर के देवता, सदा करो कल्याण || (१)
लाल देह की लालिमा, मूर्ति लाल ललाम |
हाथ जोड़ विनती करूं, पुरण करो सबके काम || (२)

जय जय जय सालासर धामा |
पावन रुचिर लोक अभीरामा || (१)
जिमि पावन मथुरा अरू काशी |
पुष्कर कुरुक्षेत्रं सुखरासी || (२)

अवधपुरि, गंगे हरिद्वारा |
सालासर शुभ वरणु विचारा || (३)
राजस्थान सीकर निहराये |
लक्ष्मणगढ़ नगर मन भाये || (४)

तेहि नियम सालासर ग्रामा |
सर्कल भान्ति शुभ शुचि सुकधामा || (५)
सिद्ध पीठ यह परम पुनिता |
हनुमत दर्शन सब दु:ख बीता || (६)

ताते विनय करो सुनु बाई |
भजहुं पवनसुत सुमति पाई || (७)
सालासर हनुमत जिमि आवा |
कहुं सकल सुनु मन समुझावा || (८)

मोहनदास विप्र सब जाना |
भक्ति भाव गुण ज्ञान निधाना || (९)
उदय संगं ले खेत कमाये |
एक बार हनुमत तहं आये || (१०)

कह कपि विप्र सुनो मम बानी |
कीजे ध्यान भक्ति जिय जानी || (११)
तब तजि मोहन विप्र विचारी |
हनुमत जन सदा सुखकारी || (१२)

करई भजन भक्ति अरू ध्याना |
नित्य होई मिलन हनुमाना || (१३)
आसोटा मुरति प्रगटाये |
ले ठाकुर सालासर आये || (१४)

विक्रम अष्टादश शत ग्यारह |
आयऊ हनुमत रवि जिमि बारह || (१५)
श्रावण सित नवमी शनीवारा |
थायन योग भूमि असवारा || (१६)

मोहन पूजन हवन करवाई |
कपि मूरति थापी सुखदाई || (१७)
आरती मोहन मंगल गावा |
ढोल नगारा शब्द मुहावा || (१८)

चढे़ चूरमा भोग लगाये |
भजन कीर्तन सब मिलकर गाये || (१९)
एक बार मोहन मन भाई |
भई प्रेरणा मुर्त सजाई || (२०)

चित्र रचा जो मन सुखदाई |
भये प्रसन्न हनुमत कपिराई || (२१)
घृत सिंदूर थाल भर लीना |
मुरत लाल ललित कर दीना || (२२)

मोहन बोले उदय बुलाई |
हनुमत कहं अवराधै आई || (२३)
सेवहुं हनुमत लग्न लगाई |
नित प्रति भगती बढै सवाई || (२४)

सालासर जयकार मुहाई |
चहुंदिशी घंटा धुनि मन भाई || (२५)
दिन दिन हो मंदिर विस्तारा |
पूजा करे उदय परिवारा || (२६)

मंगल पूनम जो मन भाये |
सालासर शुभ दर्शन पाये || (२७)
ध्वजा नारियल आत चढ़ाये |
खांड चूरमा भोग लगाये || (२८)

हनुमत भजन करइ मन लाई |
सालासर हनुमान मनाई || (२९)
एहिविधि आई धोक लगाये |
मन इच्छा फल सब जन पाये || (३०)

आत्म ज्ञान बढे़ नित नाया |
जब ते होय हनुमत दाया || (३१)
सब विघ्न कष्ट विकार हटावे |
सालासर शरणा जो जावे || (३२)

चिंता सांपिनी ताको भाजे |
जाके हिय में हनुमत राजे || (३३)
हनुमत दर्शन अति मन भाई |
लाल देह छवि कहि नहिं जाई || (३४)

दूर-दूर से आवे लोग लुगाई |
बड़े भाग ते दर्शन पाई || (३५)
करहि सफल सब निज निज लोचन |
करि करि दर्शन संकट मोचन || (३६)

हनुमत महिमा चहुंदिशि गाजे |
सालासर हनुमान विराजे || (३७)
सालासर शुभ धाम भजामी |
जय जय जय बजरंग नमामि || (३८)

इंद्रजीत कपिराई सहाई |
सालासर महिमा जो गाई || (३९)
सालासर हनुमत चालीसा |
पढें सुने शुभ करे कपीसा || (४०)

दोहा 
चालीसा शुभ धाम का, गाये जो चितलाय |
इंद्रजीत भगति बढें, दया करे कपिराय ||
ओम सुमर गाते रहो, नित श्री सीताराम |
सालासर शरणा गहो, करि हनुमत प्रणाम ||

॥ श्री सालासर हनुमान जी का चालीसा सम्पूर्ण ॥

॥ जय–घोष ॥
बोलो सालासर बालाजी की जय

Also Read This:- श्री कुबेर चालीसा