ॐ नमः शिवाय ✦ जय श्री राम ✦ राधे राधे ✦ हरे कृष्ण हरे राम ✦ ॐ नमः शिवाय ✦ जय श्री राम ✦ राधे राधे ✦ हरे कृष्ण हरे रा म ✦ ॐ नमः शिवाय ✦ जय श्री राम ✦ राधे राधे ✦ हरे कृष्ण हरे राम ✦ ॐ नमः शिवाय ✦ जय श्री राम ✦ राधे राधे ✦ हरे कृष्ण हरे रा म ✦

श्री दत्तात्रेय चालीसा

श्री दत्तात्रेय चालीसा

श्री दत्तात्रेय चालीसा

दत्तगुरु के चरणों में,

मेरा कोटि प्रणाम ।

रक्षा करो हे दत्त प्रभु,

रख लो अपनी शरण ।।

रक्षा करो हे दत्त प्रभु,

रख लो अपनी शरण ।।

जयति जयति दत्तात्रेय,

स्वामी दिगम्बर जय ।

आदि ब्रह्मा, मध्यम विष्णु,

देवा महेश्वर जय ।।

जयति जयति त्रिमूर्ति रूप,

भव बाधा हरते जय ।

सहज प्राप्ति हर हर जय,

शुभ फल सुख देते जय ।।

जयति जयति अनसूया नन्दन,

परम गम्भीर प्रभु जय ।

हर कृपा कर सरसिज पद,

भक्तों को सुख देते जय ।।

श्रीगणेश, श्रीशारदा,

लक्ष्मी सहित शिव जय ।

सतगुरु चरन, कमल सेवा,

भव निधि से त्राण कर जय ।।

सिर झुकाये, हाथ जोड़े,

करें भक्ति प्राण जय ।

त्रिभुवन में, प्रकट प्रभु दत्त,

ब्रह्मानन्द स्वरूप जय ।।

गुरु गम्भीर, कृपा सागर,

कर जोड़ों चरणारविन्द ।

शरणागत, रक्षण कर्ता,

रखों हमारी लाज प्रभु ।।

श्रीदत्तात्रेय प्रभु, कृपाकर,

सदा सहाय रहो प्रभु ।

भक्तिवान, दुःख से त्राण,

सदा सबन का करें कल्याण प्रभु ।।

कर भरोसा, मन में आस,

स्वामी सुखदाता जय ।

मति हमारी शुद्ध कर प्रभु,

दोष, दुष्कृत मिटा प्रभु ।

ध्यान लगायें, चित्त मनायें,

श्रीदत्त कृपा से प्रभु ।

भक्त गण, करें सुमिरन,

सदा सहाय हो प्रभु ।।

जयति जयति दत्तगुरु,

ब्रह्मानन्द दाता जय ।

अघनाशक, त्रिविक्रम देव,

ज्ञान भक्ति दो प्रभु ।

सुमिरन से भव-बन्धन, से

सदा मुक्त रहें प्रभु ।

त्रिविध ताप, मिट जायें प्रभु,

अन्त करण सुधीर हो प्रभु ।।

श्रीदत्त शरणं, मोक्ष सुलभ,

भव सागर से त्राण हो ।

भव-भय हारक, सतगुरु,

कष्ट निवारक हो प्रभु ।

शरणागत, मोक्ष प्रदायक,

सुलभ सरल करते प्रभु ।

करुणामय, सन्तत हर्षायें,

भव से मुक्ति हो प्रभु ।।

श्रीदत्तात्रेय शरणं,

भव बाधा हरण प्रभु ।

श्रीदत्तात्रेय शरणं,

पाप-ताप-त्रय हरण प्रभु ।

श्रीदत्तात्रेय शरणं,

मन में आस लगायें प्रभु ।

भक्तजन, करें स्मरण,

सदा सहाय हो प्रभु ।।

जयति जयति दत्तगुरु,

सर्व रोग हरते प्रभु ।

जयति जयति दत्तगुरु,

पाप-ताप निवारक प्रभु ।

जयति जयति दत्तगुरु,

करुणा कृपा निधान प्रभु ।

जयति जयति दत्तगुरु,

जगत तारन प्रभु ।।

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